एहसास

हमारे करम कि नज़रें उठाईं, उठा कर गिराईं, मगर फिर उठाईं, मुहब्बत की बातें  मुद्दत के बाद,  मेरे सनम हमें समझ आईं/ हमारे करम कि——— झिझकना तेरा, सिमटना तेरा, चुपके से आके लिपटना तेरा, होठों की जुंबिश और आखों की थिरकन, अर्से से थी मेरे दिल में समाईं/ हमारे करम कि——- वफा की कसमें, मुहब्बत के वादे, आज की शब कोई कैसे भुला दे, तरन्नुम मेरे गीतों की तुम हो, तुम ही हो मेरे दिल की रुबाई/ हमारे करम कि——- Advertisements Continue reading एहसास

जीवन

जीवन अपूर्ण कामनाओं का सागर, कभी भावनाओं का उद्वेग, तो कभी सम्पूर्ण विरक्तता। एक अनिश्चित सीमा, दूर दूर तक छोरहीन, अनुपम द्वीपों से पड़ाव, अंजान रास्ते, उदास थपेड़े। बस गर्भ में ही समेटे हुए, अमूल्य … Source: जीवन Continue reading जीवन

जीवन

जीवन अपूर्ण कामनाओं का सागर, कभी भावनाओं का उद्वेग, तो कभी सम्पूर्ण विरक्तता। एक अनिश्चित सीमा, दूर दूर तक छोरहीन, अनुपम द्वीपों से पड़ाव, अंजान रास्ते, उदास थपेड़े। बस गर्भ में ही समेटे हुए, अमूल्य रत्न, जो पैठे, सो पा ले, अन्यथा भटकन, अंधकार और दिशाहीनता। Continue reading जीवन

ख़त

मेरे दोस्त यूं ही मेरा मज़ाक उड़ाया करते थे जब मैं हर एक का ख़त संभाल कर रखता जाता था पर आज वो क्या जानें कि वही ख़त पढ़ पढ़ कर मैं उदास वक़्त काटता हूँ।     Continue reading ख़त